सतलोक आश्रम बरवाला प्रकरणः में लगातार हो रही संत रामपाल जी महाराज के भक्तों की जमानत से भक्तों की उम्मीदें अब अपने गुरु जी के बाहर आने की और लगी हुई है, सतलोक आश्रम बरवाला की घटना के दौरान संत रामपाल जी महाराज सहित 1000 के करीब अनुयायियों पर विभिन्न धाराओं के तहत झूठे केसों का पुलिंदा बनाया गया था। अभी भी 112 अनुयायी उन झूठे केसों के कारण जेल में हैं, जिनमें से आज 26 अनुयायियों की जमानत पंजाब & हरियाणा हाइकोर्ट में लगायी गयी, जिनमे से इन लोगों की जमानत मंजूर कर ली गयी
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी अब अपने गुरु जी के बाहर आने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है की यदि सरकार CBI जाँच करवाती तो उन्हें इतना लंबा इंतजार नही करना पड़ता। न्यायालय के प्रति आस्था जताते हुए उन्होंने कहा की नेक और ईमानदार जजो से न्याय की उम्मीद अभी भी कायम है।
सद्गुरु देव जी की जय हो
आप सभी भगतो से प्रार्थना है कि पवन जयपुर,संजय दिल्ली और इनका साथ देने वाले सभी व्यक्ति जो अपने आप को सत सेवक कहते हैं वास्तव में ये लोग मालिक के मिशन को फेल करने के लिए एक षड्यंत्र के तहत आर्य समाजियों से मिले हुए हैं। और भगतो को भ्रमित कर रहे हैं। ये अपने आप को सत सेवक कहने वाले गुरूजी को परमात्मा तो दूर गुरूजी भी नही मानते और गुरूजी को असहाय साबित करना चाहते हैं।
""भगतो ये खुद को सत सेवक कहने वाले काल के दूत कहते है कि हिसार तारीखों पर नही जाना है।क्योंकि संगत हिसार तारीखों पर जाती है इसलिए प्रसाशन गुरूजी को कोर्ट में नही पेश करता और जब तक गुरूजी को प्रशाशन कोर्ट में पेश नही करेगा तब तक गुरूजी जेल से बाहर नही आ सकते।""
👆🏽👆🏽ये कहना है इन काल के दूत सत सेवकों का
लगता है इन सत सेवको की अक्ल घास चरने गयी है क्योंकि......
गुरूजी स्वयं परमात्मा हैं और परमात्मा जी जो चाहे सो कर सकते हैं।बस हमको परमात्मा में विश्वाश होना जरूरी है। पर इन सत सेवको की बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है ।
यदि गुरूजी के दर्शनों के लिए और तारीखों पर हिसार जाने की मनाही होती तो गुरूजी ने स्वयं भगतो को कोर्ट के अंदर आशीर्वाद दिया था जिसका वीडियो भी आपजी भगतो के पास उपलब्ध है और यदि मनाही ही होती तो गुरूजी वकील के माध्यम से या कोर्ट में गुरूजी के द्वारा आशीर्वाद देते वक्त ही गुरूजी स्वयं भगतो को मना कर देते की बच्चों तारीखों पर ना आया करो।
पर गुरुजी ने स्वयं अपने बच्चों को कोर्ट के अंदर बड़े प्यार से आशीर्वाद दिया था।
इससे स्प्स्ट होता है कि हिसार तारीखों पर गुरूजी के दर्शनों के लिए जाने के गुरुजियों के ही आदेश हैं भगतो। और गुरूजी ने हमे इतना ज्ञान तो दिया ही है कि हमे अपने गुरूजी के दर्शनों के लिए जरूर जाना चाहिए जी। वो हमारे पिता हैं और पिताजी से मिलने जाने से रोकने वाले कौन हैं आप स्वयं अंदाज लगा सकते हो जी।
गुरूजी कहते हैं कि
गुरु दर्श को जाइये दिन में कई कई बार ।
और असोज के मेघ ज्यो घना करे उपकार।।
इसलिए भगतो सर्व संगत से प्रार्थना है कि इन अपने आप को सत सेवक कहने वाले काल के सेवको पवन संजय और इनका साथ देने वाले व्यक्तियो से सावधान रहे और अपनी भगति,सेवा,सुमिरन करते रहे और गुरूजी द्वारा बताए अनुसार दान भी करते रहे जी। किसी भी प्रकार की दान सेवा करने के लिये एक मात्र अपने जिला,सम्भाग या स्टेट कॉर्डिनेटर सिस्टम से ही सम्पर्क करे जी जो की गुरूजी के द्वारा बनाये गए हैं ।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी अब अपने गुरु जी के बाहर आने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है की यदि सरकार CBI जाँच करवाती तो उन्हें इतना लंबा इंतजार नही करना पड़ता। न्यायालय के प्रति आस्था जताते हुए उन्होंने कहा की नेक और ईमानदार जजो से न्याय की उम्मीद अभी भी कायम है।
सद्गुरु देव जी की जय हो
आप सभी भगतो से प्रार्थना है कि पवन जयपुर,संजय दिल्ली और इनका साथ देने वाले सभी व्यक्ति जो अपने आप को सत सेवक कहते हैं वास्तव में ये लोग मालिक के मिशन को फेल करने के लिए एक षड्यंत्र के तहत आर्य समाजियों से मिले हुए हैं। और भगतो को भ्रमित कर रहे हैं। ये अपने आप को सत सेवक कहने वाले गुरूजी को परमात्मा तो दूर गुरूजी भी नही मानते और गुरूजी को असहाय साबित करना चाहते हैं।
""भगतो ये खुद को सत सेवक कहने वाले काल के दूत कहते है कि हिसार तारीखों पर नही जाना है।क्योंकि संगत हिसार तारीखों पर जाती है इसलिए प्रसाशन गुरूजी को कोर्ट में नही पेश करता और जब तक गुरूजी को प्रशाशन कोर्ट में पेश नही करेगा तब तक गुरूजी जेल से बाहर नही आ सकते।""
👆🏽👆🏽ये कहना है इन काल के दूत सत सेवकों का
लगता है इन सत सेवको की अक्ल घास चरने गयी है क्योंकि......
गुरूजी स्वयं परमात्मा हैं और परमात्मा जी जो चाहे सो कर सकते हैं।बस हमको परमात्मा में विश्वाश होना जरूरी है। पर इन सत सेवको की बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है ।
यदि गुरूजी के दर्शनों के लिए और तारीखों पर हिसार जाने की मनाही होती तो गुरूजी ने स्वयं भगतो को कोर्ट के अंदर आशीर्वाद दिया था जिसका वीडियो भी आपजी भगतो के पास उपलब्ध है और यदि मनाही ही होती तो गुरूजी वकील के माध्यम से या कोर्ट में गुरूजी के द्वारा आशीर्वाद देते वक्त ही गुरूजी स्वयं भगतो को मना कर देते की बच्चों तारीखों पर ना आया करो।
पर गुरुजी ने स्वयं अपने बच्चों को कोर्ट के अंदर बड़े प्यार से आशीर्वाद दिया था।
इससे स्प्स्ट होता है कि हिसार तारीखों पर गुरूजी के दर्शनों के लिए जाने के गुरुजियों के ही आदेश हैं भगतो। और गुरूजी ने हमे इतना ज्ञान तो दिया ही है कि हमे अपने गुरूजी के दर्शनों के लिए जरूर जाना चाहिए जी। वो हमारे पिता हैं और पिताजी से मिलने जाने से रोकने वाले कौन हैं आप स्वयं अंदाज लगा सकते हो जी।
गुरूजी कहते हैं कि
गुरु दर्श को जाइये दिन में कई कई बार ।
और असोज के मेघ ज्यो घना करे उपकार।।
इसलिए भगतो सर्व संगत से प्रार्थना है कि इन अपने आप को सत सेवक कहने वाले काल के सेवको पवन संजय और इनका साथ देने वाले व्यक्तियो से सावधान रहे और अपनी भगति,सेवा,सुमिरन करते रहे और गुरूजी द्वारा बताए अनुसार दान भी करते रहे जी। किसी भी प्रकार की दान सेवा करने के लिये एक मात्र अपने जिला,सम्भाग या स्टेट कॉर्डिनेटर सिस्टम से ही सम्पर्क करे जी जो की गुरूजी के द्वारा बनाये गए हैं ।



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